गर्भावस्था में पहला अल्ट्रासाउंड स्कैन कब होगा?

आमतौर पर गर्भावस्था की पहली तिमाही में दो अल्ट्रासाउंड स्कैन किए जाते हैं:

  • डेटिंग एंड वायबेलिटी स्कैन, जो कि छह से नौ सप्ताह की गर्भावस्था के बीच किया जाता है
  • अर्ली मोर्फोलॉजी स्कैन या न्युकल ट्रांसलुसेंसी (एनटी) स्कैन, जो कि 11 हफ्ते व दो दिन से लेकर 13 हफ्ते व छह दिन की गर्भावस्था के बीच किया जाता है।

यदि आप माहवारी चूकने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं तो आपका पहला अल्ट्रासाउंड स्कैन छह हफ्ते की गर्भावस्था में होने की संभावना रहती है। यदि आप डॉक्टर को थोड़ा बाद में दिखाएं तो आपका पहला स्कैन करीब आठ या नौ हफ्ते की गर्भावस्था के दौरान हो सकता है।

बहरहाल,निम्न स्थितियों में आप तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं (चार हफ्तों के बाद से):

  • घर पर गर्भावस्था जांच (होम प्रेगनेंसी टेस्ट) हल्का सा भी पॉजिटिव हो
  • आपको खून के धब्बे या रक्तस्त्राव हो रहा हो या फिर पेट में दर्द हो
  • आपका पहले गर्भपात हो चुका है
  • प्रजनन उपचार लेने के बाद आप गर्भवती हुई हैं

इन स्थितियों में डॉक्टर आपको जल्दी से जल्दी अल्ट्रासाउंड स्कैन करवाने की सलाह दे सकती हैं। यदि आपका बीटा एचसीजी स्तर (गर्भावस्था की पुष्टि करने वाली खून की जांच) कम हो या फिर यह 48 घंटों के अंदर दोगुना नहीं हुआ है, तो भी आपको तुरंत स्कैन करवाना पड़ सकता है।

पहला स्कैन निम्न जानकारी पाने में मदद करता है:

  • गर्भावस्था की पुष्टि करता है
  • बताता है कि क्या भ्रूण थैली गर्भाशय के भीतर स्थापित हो गई है या नहीं, ताकि, अस्थानिक गर्भावस्था (एक्टोपिक प्रेगनेंसी) की आशंका दूर हो सके
  • शिशु की दिल की धड़कन पता करता है
  • बताता है कि आपके गर्भ में एक शिशु है या इससे ज्यादा
  • मोलर प्रेगनेंसी की आशंका दूर करता है
  • आपके गर्भाशय, अंडाशयों और आसपास के अंगों की जांच करता है
  • प्रसव की सटीक अनुमानित तिथि (ड्यू डेट) बताता है

छह सप्ताह पर शुरुआती स्कैन आमतौर पर योनि के जरिये ट्रांसवैजाइनल स्कैन (टीवीएस) होता है। इस चरण पर आपका शिशु बहुत छोटा और पेट में बहुत नीचे की तरफ होता है, जो पेट पर से स्कैन करने पर स्पष्ट दिखाई नहीं देता। ट्रांसवैजाइनल स्कैन से अल्ट्रासाउंड डॉक्टर प्रोब को आपके शिशु के काफी नजदीक ले जाते हैं ताकि शिशु की साफ तस्वीर मिल सके।

टीवीएस आमतौर पर छह से नौ हफ्ते की गर्भावस्था के बीच कराया जाता है।

अल्ट्रासाउंड डॉक्टर पतली सी ट्रांसप्रोब ​यानि ट्रांसड्यूसर को हल्के से योनि के भीतर डालते हैं। इसमें आपको असहजता नहीं होनी चाहिए। ट्रांसवेजाइनल स्कैन में डॉक्टर आपकी योनि के भीतर नए और कीटाणुमुक्त (स्टेराइल) आवरण (शीथ) से ढका हुआ संकरा सा प्रोब डालेंगी। यह आवरण कोंडोम जैसा दिखता है। इस पर जैल भी लगाया जाता है ताकि यह योनि में आसानी से प्रवेश कर सके।

टीवीएस के बारे में सोचकर ही आप शायद असहज महसूस करें मगर आप जितना ज्यादा रिलैक्स करेंगी, डॉक्टर के लिए प्रोब अंदर डालना उतना ही आसान होगा। यदि आपकी मांसपेशियां तनी रहेंगी, तो इस प्रक्रिया में आपको काफी असहजता हो सकती है। यह प्रक्रिया आपके शिशु के लिए एकदम सुरक्षित है।

यदि आप शुरुआती स्कैन न करा पाएं, तो आपका पहला स्कैन शायद न्यूकल ट्रांसलुसेंसी (एनटी) होगा, जो 11 से 13 हफ्ते की गर्भावस्था के बीच होगा।

एनटी स्कैन में शिशु को डाउंस सिंड्रोम होने की संभावना का अनुमान लगाया जाता है। यह आमतौर पर पेट पर से (एब्डोमिनल स्कैन) किया जाता है, और इसके लिए आपका मूत्राशय भरा हुआ होना चाहिए।

हालांकि, कई बार केवल योनि के जरिये स्कैन करने पर ही शिशु की बेहतर तस्वीर मिल पाती है। यदि आपका वजन सामान्य से ज्यादा हो, गैस की वजह से आपका पेट फूला हुआ हो या फिर गर्भस्थ शिशु पेट में स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा, तो ऐसी स्थितियों में वेजाइनल अल्ट्रासाउंड स्कैन की संभावना ज्यादा रहती है।

इस चरण पर आपका शिशु स्क्रीन पर पूरा अच्छी तरह दिख जाता है, और आप उसका सिर, रीढ़, अंग, हाथ और पैर देख सकेंगी। आप शायद उसे हिलते-डुलते हुए भी देख सकें।

गर्भावस्था में सभी महिलाओं का अल्ट्रासाउंड करवाया जाता है। हालांकि, कितने स्कैन होंगे और कब होंगे यह समयावधि आपकी स्वास्थ्य स्थिति और अलग-अलग शहरों और कस्बों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

प्रसवपूर्व पहले चेकअप के दौरान डॉक्टर आपकी जांच करेंगी और आपको बताएंगी कि स्कैन कब करवाने हैं।

यदि आप प्रजनन उपचारों के जरिये गर्भवती हुई हैं या आपके गर्भ में एक से ज्यादा शिशु पल रहे हैं या फिर आपके साथ कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो आपको सामान्य से अलग समया​वधि पर स्कैन करवाने पड़ सकते हैं।

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